You are here: Homeअपना शहरअन्यमजबूत लोकतंत्र के लिए शिक्षा अनिवार्य तत्व

मजबूत लोकतंत्र के लिए शिक्षा अनिवार्य तत्व

Written by  लीड इंडिया, Mail Us: info@leadindiagroup.com Published in Others Thursday, 19 July 2012 06:16

पटना।। शिक्षा किसी समाज के आर्थिक, राजनीतिक व सामाजिक रूपांतरण के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक है। गुरुवार को सेंट्रल यूनिवर्सिटी आफ बिहार के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने देश में मानवाधिकार की स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि शिक्षा के माध्यम से इस हालात में परिवर्तन संभव है। वहीं लोकसभा अध्यक्ष व बिहार सेंट्रल यूनिवर्सिटी की चांसलर मीरा कुमार ने कहा कि शिक्षा में शांतिपूर्ण क्रांति लाने की क्षमता है। जबकि मौके पर उपस्थित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेश के दो केंद्रीय विश्वविद्यालयों का नामकरण महात्मा गांधी एवं महात्मा बुद्ध के नाम पर करने का आग्रह किया।

उपराष्ट्रपति ने मानवाधिकारों के सम्मान को विकसित समाज का अनिवार्य तत्व बताया। उन्होंने यूनाइटेड नेशन द्वारा भारत में मानवाधिकार की स्थिति पर तैयार रपट का जिक्र किया। कहा, 2012 में पेश इस रपट में भारत के संदर्भ में किये गए अध्ययन में यह बात सामने आयी कि भारत सरकार तमाम प्रगतिशील कानूनी और नीतिगत पहल करती है। लेकिन नौकरशाही की जड़ता, संसाधनों की कमी, विकास, आर्थिक नीतियों तथा राष्ट्रीय अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकारों के प्रतिबद्धता के बीच विरोधाभास के चलते हाशिये पर खड़े लोगों को उनका अधिकार नहीं मिल पाता है। अंसारी ने कहा कि मानवाधिकार के दायरे में प्राकृतिक संसाधनों पर जिच, लिंग भेद, जाति, संप्रदाय व उपजातीय पहचान को लेकर होने वाली हिंसा जैसे मुद्दे भी जुड़े हैं। आतंकी, अतिवादी, लेफ्ट व दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा मानवाधिकार हनन के मामले भी बड़ी चुनौती के रूप में उभरे हैं। हमें इनसे निपटने के उपाय खोजने होंगे। इसमें शिक्षण संस्थानों की अहम भूमिका हो सकती है। विश्वविद्यालय व शिक्षण संस्थानों को आगे बढ़ कर अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष व बिहार सेंट्रल यूनिवर्सिटी की चांसलर मीरा कुमार ने स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल करने वाले विवि के 156 विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि शिक्षा में लोकतंत्र की तरह भेदभाव दूर कर बराबरी लाने की अद्भुत क्षमता है। शिक्षा में शांतिपूर्ण क्रांति लाने की क्षमता है। शिक्षा के माध्यम से समाज में जिस परिवर्तन की उम्मीद की गयी थी वह संभव नहीं हो सकी। हमें सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित न रह जाए। इसमे सड़ी गली रूढि़यों और सामाजिक विषमता को उखाड़ फेंकने की ताकत भी होनी चाहिए।

वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मोतिहारी व गया में स्थापित होने वाले विश्वविद्यालयों का नाम महात्मा गांधी व गौतम बुद्ध के नाम पर करने का सुझाव दिया। सेंट्रल यूनिवर्सिटी के पहले दीक्षांत समारोह में आने के लिए मुख्यमंत्री ने उपराष्ट्रपति का आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 के बाद राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल हुई है। इस दौरान राज्य में आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, सीआइएमपी, एनआइएफटी, आइआइटी पटना, चाणक्य ला यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई। इन सभी संस्थानों को राज्य सरकार सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। सेंट्रल यूनिवर्सिटी आफ बिहार के लिए हमसे राय मांगी गयी थी तो हमने इसे मोतिहारी में स्थापित किए जाने की सलाह दी। कुमार ने कहा कि इस मुद्दे पर विवाद हुआ। लेकिन विवाद का परिणाम अच्छा निकला और राज्य को एक की जगह दो केंद्रीय विवि मिल गये। एक गया में और एक मोतिहारी में। कुमार ने कहा कि विवि संबंधी बिल आने वाला है। यदि इसमें एक और संशोधन कर नाम जोड़ दिया जाए तो राज्यवासियों को जबरदस्त खुशी होगी।

Read 4654 times Last modified on Wednesday, 16 October 2013 11:59

फोटो गैलरी

Market Data

एडिटर ओपेनियन

एयर इंडिया निजीकरण की कोई मंशा नहीं!

एयर इंडिया निजी...

नई दिल्ली।। एयर इंडिया के विनिवेश के बार...

एसबीआई ने कमाया 12.35% का शुद्ध लाभ

एसबीआई ने कमाया...

मुंबई॥ देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टे...

इंफोसिस को जबरदस्त मुनाफा, शेयर में तेजी!

इंफोसिस को जबरद...

मुंबई।। इंफोसिस लिमिटेड ने इस वित्त वर्ष...

नैनो का CNG मॉडल लॉन्च, कीमत 2.52 लाख

नैनो का CNG मॉड...

मुंबई।। टाटा ने नैनो का सीएनजी मॉडल लॉन्...

Video of the Day

Contact Us

About Us

Anurag Lakshya is one of the renowned media group in print and web media. It has earned appreciation from various eminent media personalities and readers.