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सीएम के दरबार पहुंचा गरीब तो खुलीं अफसरों की आंखें

Written by  Published in Political Sunday, 21 May 2017 07:26

लखनऊ।अपनी नेत्रहीन बेटियों को लेकर धौरहरा के जुगनूपुर गांव के सुरेंद्र ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। सीएम ने जब गरीब सुरेंद्र के बारे में रिपोर्ट तलब की तो यहां अफसरों की नींद खुली। खास बात है कि सुरेंद्र के पास राशन कार्ड तक नहीं है। अब अफसर कार्ड बनवाने से लेकर हर तरह की मदद के दावे कर रहे हैं।धौरहरा के जुगनुपुर गांव में रहने वाला सुरेंद्र चौरसिया किसी तरह तंगहाली में जिंदगी बसर कर रहा है। वह एक प्राइवेट स्कूल में दो हजार की पगार पर नौकरी करता है। चार बच्चे हैं। दो बेटियां शुभी और ममता नेत्रहीन हैं। सुरेंद्र ने बताया कि उसे किसी योजना का लाभ नहीं मिला। एक राशन कार्ड तक नहीं है कि सस्ता गल्ला मिल सके। पहले भी सुरेंद्र ने सीएम से फरियाद की थी तो अफसरों ने कागजी घोड़े दौड़ाकर रिपोर्ट भेज दी। सुरेंद्र को कुछ मिला ही नहीं। शनिवार को वह अपनी बेटियों को गोद में उठाकर सीएम योगी की शरण में जा पहुंचा। सुरेंद्र बताते हैं कि सीएम ने बेटियों को बुलवाया। दुलराया और खाने को बिस्किट भी दिए। सुरेन्द्र कहता है सीएम साहब का भरोसा लेकर लौटा हूं। अफसरों ने बुलाया है। सीएम ने सुरेन्द्र को आवास, राशनकॉर्ड और नौकरी दिलवाने का भरोसा दिया। सीएम के भरोसे के सहारे अब सुरेन्द्र खीरी आ पहुंचा है। सुरेंद्र की हालत पर सीएम दफ्तर ने प्रशासन से रिपोर्ट तलब की तो अफसर उसके घर दौड़े। प्रभारी डीएम अमित सिंह बंसल के आदेश एसडीएम धौरहरा ने टीम भेजी है। एसडीएम राम प्रकाश का कहना है कि सुरेंद्र के गांव का दौरा किया। यह गरीबी रेखा से नीचे का परिवार है। यह सही है कि अब तक उसके पास कार्ड नहीं है। अब उसका राशन कार्ड बन गया है। आर्थिक मदद की संस्तुति की गई है।

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